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अंडकोष के चारों ओर तरल पदारà¥à¤¥ जमा होने से हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² नामक सूजन हो सकती है। यह अकà¥à¤¸à¤° शरीर के इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में संकà¥à¤°à¤®à¤£ या चोट लगने के बाद होता है। हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² आमतौर पर दरà¥à¤¦ रहित होते हैं और सूजन के अलावा कोई लकà¥à¤·à¤£ पैदा नहीं करते हैं। इसके कारण à¤à¤• या दोनों अंडकोष पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकते हैं।
अंडकोष में गांठया सूजन होना अकसर बहà¥à¤¤ अधिक चिंता का कारण बन जाता है । इसे बहà¥à¤¤ गमà¥à¤à¥€à¤° बीमारी के तौर पर देखा जाता है,पर अधिकतर मामलों में ये कैंसर नहीं होता। अंडकोष में कई दूसरी बीमारियों का संकेत हो सकता है। पर इसके कैंसर होने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से इंकार à¤à¥€ नहीं किया जा सकता।जानकार कहते हैं कि अंडकोष में अधिकांश गांठहानिरहित होती हैं, लेकिन अंडकोष की गांठआमतौर पर तरल पदारà¥à¤¥ इकटà¥à¤ ा होने, किसी पà¥à¤°à¤•ार के संकà¥à¤°à¤®à¤£ या तà¥à¤µà¤šà¤¾ या नसों में सूजन के कारण होती है। हालांकि, इस गांठका कारण और उसका निवारण करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤ आइठअब हम इसके कारणों पर गौर करें -
1.सिसà¥à¤Ÿ
सिसà¥à¤Ÿ à¤à¤• तरल पदारà¥à¤¥ से à¤à¤°à¥€ थैली होती है जिसे छूने पर à¤à¤• छोटी, सखà¥à¤¤ गांठजैसा महसूस हो सकता है। सिसà¥à¤Ÿ शरीर पर लगà¤à¤— कहीं à¤à¥€ विकसित हो सकती हैं और आमतौर पर हानिरहित होते हैं। आम तौर पर ये सिसà¥à¤Ÿ किसी à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ का कारण नहीं बनती हैं। पर ये अंडकोष में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ या हलà¥à¤•ा दरà¥à¤¦ पैदा कर सकती हैं।अधिकतर मामलों में इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शायद ही कà¤à¥€ उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। जिन मामलों में सिसà¥à¤Ÿ दरà¥à¤¦ जैसे लकà¥à¤·à¤£ पैदा करती हैं उनमें सरà¥à¤œà¤°à¥€ की सलाह दी जा सकती है। इनके कारण असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ सूजन हो सकती है।
2.वैरिकोसील
वैरिकोसील à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ गांठहै जो अंडकोष में नसों में सूजन के कारण होता है। जिस पà¥à¤°à¤•ार कà¥à¤› लोगों के पैरों में वैरिकोस वेनà¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है उसी पà¥à¤°à¤•ार वैरिकोसील के à¤à¥€ देखा जाता है।
अधिकतर मामलों में वैरिकोसील वाले लोग किसी à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ का अनà¥à¤à¤µ नहीं करते हैं। पर यह यौवन के दौरान बांà¤à¤ªà¤¨ और अंडकोष की धीमी वृदà¥à¤§à¤¿ जैसी जटिलताओं का कारण बन सकता है।यह अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाया गया है कि 100 में से लगà¤à¤— 15 पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में वैरिकोसील होती है।
3.हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤²
अंडकोष के चारों ओर तरल पदारà¥à¤¥ जमा होने से हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² नामक सूजन हो सकती है।यह अकà¥à¤¸à¤° शरीर के इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में संकà¥à¤°à¤®à¤£ या चोट लगने के बाद होता है। हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² आमतौर पर दरà¥à¤¦ रहित होते हैं और सूजन के अलावा कोई लकà¥à¤·à¤£ पैदा नहीं करते हैं।इसके कारण à¤à¤• या दोनों अंडकोष पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकते हैं।हालांकि हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में हो सकता है पर ये नवजात शिशà¥à¤“ं में जनà¥à¤® के समय कम वजन या बà¥à¤°à¥€à¤š पोज़ीशन के मामलों में अधिक देखने को मिलता है।हाइडà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥€à¤² में जटिलताà¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती हैं।
• संकà¥à¤°à¤®à¤£
• वृषण (टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸) की समसà¥à¤¯à¤¾
• बांà¤à¤ªà¤¨
• अंडकोष की थैली में मवाद à¤à¤°à¤¨à¤¾
• हेमेटोसील या अंडकोष की थैली में रकà¥à¤¤ à¤à¤°à¤¨à¤¾
4.टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° टॉरà¥à¤¶à¤¨
टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° टॉरà¥à¤¶à¤¨ à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिसके लिठततà¥à¤•ाल उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। यह तब हो सकता है जब अंडकोष से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कॉरà¥à¤¡ मà¥à¤¡à¤¼ जाती है और रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बंद कर देती है।अंडकोष की सूजन के अलावा टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° टॉरà¥à¤¶à¤¨ में कई गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है जिनमें शामिल हैं:
• गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦
• उलà¥à¤Ÿà¥€
• जी मिचलाना
• अंडकोष का लाल होना या काला पड़ना
टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° टॉरà¥à¤¶à¤¨ किसी को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है, लेकिन यह आम नहीं है।इसके होने के कारणों की बात करें तो ये किसी सदमे के कारण, अवरोही अंडकोष के कारण, पहले à¤à¥€ टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° टॉरà¥à¤¶à¤¨ होने के कारण, बेल कà¥à¤²à¥ˆà¤ªà¤° विकृति की वजह से हो सकता है। यदि उपचार ना किय़ा जाठतो टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° टॉरà¥à¤¶à¤¨ संकà¥à¤°à¤®à¤£, बांà¤à¤ªà¤¨ का कारण बन सकता है।इसमें अंडकोष आकार में सिकà¥à¤¡à¤¼ जाता है। कà¥à¤› मामलों में अंडकोष गंà¤à¥€à¤° रूप से कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो सकता है और शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निकालने की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ सकती है।
5. à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¿à¤®à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¿à¤®à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¿à¤®à¤¿à¤¸ में दरà¥à¤¦ और सूजन का कारण बन सकती है। à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¿à¤®à¤¿à¤¸ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ टà¥à¤¯à¥‚ब है जो पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• अंडकोष के पीछे होता है और शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ को वहन करता है। इसमें होने वाली सूजन à¤à¤• गांठकी तरह महसूस होती है। à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¿à¤®à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से पीड़ित लोगों को अंडकोष के आसपास की तà¥à¤µà¤šà¤¾ में दरà¥à¤¦, कोमलता और गरà¥à¤®à¥€ का अनà¥à¤à¤µ à¤à¥€ हो सकता है।à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¿à¤®à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के अनà¥à¤¯ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हो सकते हैं:
• पेशाब करने में कठिनाई
• लिंग के सिरे से सफेद, हरा या पीला सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ
• à¤à¤• या दोनों अंडकोष में अचानक या धीरे-धीरे दरà¥à¤¦ होना
à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¿à¤®à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ à¤à¤• यौन संचारित संकà¥à¤°à¤®à¤£ कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है।à¤à¤¸à¥‡ लोगों में à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¿à¤®à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ विकसित होने का अधिक खतरा होता है जिनका खतना ना हà¥à¤† हो, जो बिना किसी पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ या कंडोम के संà¤à¥‹à¤— करें, जिनमें मूतà¥à¤° पथ के à¤à¥€à¤¤à¤° बढ़े हà¥à¤ पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ या अनà¥à¤¯ संरचनातà¥à¤®à¤• असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚ हैं,जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हाल ही में कैथेटर लगा हो, यौन संचारित संकà¥à¤°à¤®à¤£ या मूतà¥à¤° मारà¥à¤— में संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इतिहास रहा हो
इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को यदि अनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ छोड़ दिया जाता है, तो à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¿à¤®à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण बन सकता है, जिससे à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥€à¤¡à¤¿à¤®à¤² या फोड़ा हो सकता है। यह बांà¤à¤ªà¤¨ या सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ के जोखिम को à¤à¥€ बढ़ा सकता है, जो गंà¤à¥€à¤° हो सकता है।
6. टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° कैंसर
टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° कैंसर के पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में अंडकोष में गांठया सूजन देखे जा सकते हैं। अधिकांश मामलों में टà¥à¤¯à¥‚मर किसी à¤à¥€ दरà¥à¤¦ का कारण नहीं बनते हैं। गांठआमतौर पर अंडकोष के सामने या किनारे पर बनती है। छूने पर यह कठोर महसूस होता है और पूरा अंडकोष सामानà¥à¤¯ से अधिक सखà¥à¤¤ लग सकता है। à¤à¤• गांठअंडकोष के अंदर या सिरà¥à¤« तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे विकसित हो सकती है। à¤à¤• अंडकोष बड़ा या सूजा हà¥à¤† हो सकता है। टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° कैंसर के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में निमà¥à¤¨ शामिल हो सकते हैं:
• अंडकोष कठोर लगना
• अंडकोष में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ महसूस होना
• अंडकोष में दरà¥à¤¦ जो कम औऱ अधिक हो सकता है
जिन कारणों से टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° कैंसर हो सकता है उनमें शामिल हैं-
• कà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥à¤šà¤¿à¤¡à¤¿à¤œà¥à¤®: यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तब होती है जब à¤à¤• या दोनों अंडकोष जनà¥à¤® से पहले सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¤® में गिरने में विफल हो जाते हैं। अवरोही अंडकोष वाले लोगों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ वाले लोगों में टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° कैंसर विकसित होने का अधिक खतरा होता है।
• आयà¥: हालांकि वृषण कैंसर सà¤à¥€ उमà¥à¤° के लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है, लेकिन अधिकतर ये 20-34 आयॠवरà¥à¤— के लोगों में होता है।
• पारिवारिक इतिहास: जिन लोगों के परिवार के किसी सदसà¥à¤¯ को टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤²à¤° कैंसर हà¥à¤† है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसका अधिक खतरा हो सकता है।
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